Allahabad High Court

BAIL/19674/2026 of TALIB Vs STATE OF UTTAR PRADESH on 8 October 2026

JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 19674 of 2026 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. सूची पुनरीिक्षत वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 19674 of 2026

Court No. - 73

HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.

1. सूची पुनरीक्षित वर्तमान दाण्डिक प्रकीर्ण जमानत प्रार्थना पत्र, आवेदक तालिब की ओर से मु.अ.सं० 295/2025 अन्तर्गत धारा 376/ 506 भा.दं.सं. एवं धारा 67ए आई.टी. एक्ट, थाना कांधला, जिला शामली में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत किया गया है।

2. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता, परिवादी के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।

3. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया कि आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फर्जी ढंग से झूठा फंसाया गया है, उसने कथित अपराध कारित नहीं किया है। मामले के अभियोजन साक्षी सं. 01 पीडिता ने अपने बयान में कथन किया कि तालिब को मैं जानती पहचानती हूँ, मेरे मौहल्ले का है। जिसने लगभग ढाई वर्ष पहले रात के समय तालिब ने मेरे घर में घुसकर चाकू की नोक पर मेरे साथ कोई बलात्कार जबरदस्ती नहीं किया था और न ही घटना की वीडियो बनायी थी। तालिब ने वीडियो वायरल की धमकी नहीं दी थी। अदालत में मैंने बयान अपनी मर्जी से नहीं दिया था। इस प्रकार मामले की उक्त साक्षी पक्षद्रोही हो गयी। आवेदक निर्दोष है तथा वह इस प्रकरण में दि० 01.07.2025 से कारागार में निरुद्ध है इसलिए आवेदक को जमानत पर छोड़ दिया जाय।

4. परिवादी के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता ने आवेदक के विद्वान अधिवक्ता के तर्को का प्रबल विरोध करते हुए तर्क प्रस्तुत किया कि आवेदक द्वारा कारित अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर प्रकृति का है, इसलिए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये।

5. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता के तर्कोंं के परिप्रेक्ष्य प्रश्नगत प्रकरण में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं परिस्थितियों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृति और किसी भी ठोस विरोधात्मक सामग्री की अनुपस्थिति एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना Versus Counsel for Applicant(s) : Mukesh Kumar, Sandip Kumar Pandey Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Irfan Chaudhary, Srijan Pandey Talib .....Applicant(s) State Of Uttar Pradesh .....Opposite Party(s)

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न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।

6. अतः वाद के गुण दोष पर बिना कोई टिप्पणी किए हुए आवेदक को उपरोक्त वर्णित अपराध में संबंधित न्यायालय की सन्तुष्टि पर व्यक्तिगत बंध-पत्र एवं अधिक धनराशि के दो स्थानीय प्रतिभू प्रस्तुत करने पर निम्नलिखित शर्तोंं के साथ जमानत पर छोड़ दिया जाय। आवेदक विवेचना या परीक्षण के दौरान अभियोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।

1. आवेदक अभियोजन साक्षियों व पीड़िता/ शिकायतकर्ता को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।

2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान बिना कोई अनावश्यक स्थगन लिए नियत तिथि पर न्यायालय में उपस्थित होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।

3. आवेदक जमानत पर रिहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और किसी भी अपराधिक गतिविधि में लिप्त नहीं होगा न कोई अपराधिक कृत्य करेगा।

4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति या पुलिस अधिकारियों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, जिसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से विरत रहना पडे़।

5. उपरोक्त शर्तोंं में से किसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत नियमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। October 9, 2026 S.Mishra BAIL No. 19674 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad

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