Allahabad High Court

NA528/37248/2026 of KANYAWATI Vs STATE OF UP AND ANOTHER on 8 October 2026

JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 37248 of 2026 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता, 2023 की धारा 528 के अंतगर्त

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 37248 of 2026

Court No. - 73

HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.

1. आवेदक की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 528 के अंतर्गत यह आवेदन पत्र, क्रिमिनल केस संख्या 30735 of 2025 (राज्य बनाम कन्यावती), जो अपराध संख्या 157 of 2019 से उद्भूत है, के संबंध में, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7, पुलिस स्टेशन आलापुर, जिला बदायूं के अंतर्गत प्रेषित आरोप-पत्र दिनांकित 02.10.2023 तथा विद्वान अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय, बदायूं द्वारा पारित समन आदेश दिनांकित 08.12.2025 को अपास्त करने एवं संपूर्ण कार्यवाही को अपास्त करने हेतु योजित किया गया है।

2. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।

3. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया कि आवेदक के विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क प्रस्तुत किया गया कि आवेदक के खिलाफ कोई अपराध नही बनता है और वर्तमान अभियोग आवेदक का उत्पीड़न करने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण इरादे से शुरू किया गया है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कुछ दस्तावेज़ और बयान प्रस्तुत किए।

4. विद्वान अधिवक्ता अपर शासकीय अधिवक्ता द्वारा आवेदक के तकों का प्रबल विरोध किया गया।

5. उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्ता के तर्कोंं एवं अभिलेख पर मौजूद सामग्री के अवलोकन से और इस चरण पर मामले के तथ्यों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि आवेदक के विरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है। बार (न्यायालय) के समक्ष किए गए सभी अभिवचन ( submissions) Versus Counsel for Applicant(s) : Manish Kumar Kashyap, Virendra Pal Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Kanyawati .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)

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तथ्य के विवादित प्रश्नों से संबंधित हैं, जिनका इस न्यायालय द्वारा धारा 528 बी.एन.एन.एस. के अंतर्गत न्यायिक निर्णय नहीं किया जा सकता है। इस चरण पर केवल प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला देखा जाना है, जैसा कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आर.पी. कपूर बनाम पंजाब राज्य, ए.आई.आर. 1960 एस.सी. 866, हरियाणा राज्य बनाम भजन लाल, 1992 एससीसी (क्रिमिनल) 426, बिहार राज्य बनाम पी.पी. शर्मा, 1992 एससीसी (क्रिमिनल) 192 और अंत में झंडू फार्मास्युटिकल वर्क्स लिमिटेड बनाम मोहम्मद शराफुल हक एवं अन्य (पैरा-10) 2005 एससीसी (क्रिमिनल) 283 के मामलों में प्रतिपादित कानून के आलोक में स्पष्ट किया गया है। इसलिए, इस मामले की संपूर्ण कार्यवाही को निरस्त करने की प्रार्थना को अस्वीकार किया जाता है।

6. तद्नुसार, आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत प्रस्तुत यह आवेदन पत्र निरस्त किया जाता है। October 9, 2026 S.Mishra NA528 No. 37248 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad

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