Allahabad High Court
NA528/17224/2026 of SMT SUNITA Vs STATE OF U.P. AND ANOTHER on 7 October 2026
JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 17224 of 2026 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेिदका की ओर से धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र,
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 17224 of 2026
Court No. - 73
HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
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1. आवेदिका की ओर से धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अन्तर्गत यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 362 सन 2021, अन्तर्गत धारा 420/ 406 भा.दं.सं. एवं अंतर्गत धारा 3/4/5/6 प्राइज चीट्स एण्ड मनी सरकुलेशन एक्ट, थाना बहादुरगढ़, जिला हापुड़ में प्रेषित आरोप पत्र दिनांक 25.04.2022 जिसमें अपर सिविल जज (जू.डि.)/ जूडीसियल मजिस्ट्रेट गढ़मुक्तेश्वर के यहां लम्बित है कि सम्पूर्ण कार्यवाही को अपास्त करने हेतु योजित किया गया है।
2. आवेदिका के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।
3. आवेदिका के विद्वान अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया कि आवेदक के विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क प्रस्तुत किया गया कि आवेदिका के खिलाफ कोई अपराध नही बनता है और वर्तमान अभियोग आवेदक का उत्पीड़न करने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण इरादे से शुरू किया गया है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कुछ दस्तावेज़ और बयान प्रस्तुत किए।
4. विद्वान अधिवक्ता अपर शासकीय अधिवक्ता द्वारा आवेदिका के तकों का प्रबल विरोध किया गया।
5. उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्ता के तर्कोंं एवं अभिलेख पर मौजूद सामग्री के अवलोकन से और इस चरण पर मामले के तथ्यों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि आवेदिका के विरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है। बार (न्यायालय) के समक्ष किए गए सभी अभिवचन ( submissions) तथ्य के विवादित प्रश्नों से संबंधित हैं, जिनका इस न्यायालय द्वारा धारा 528 बी.एन.एन.एस. के अंतर्गत न्यायिक निर्णय नहीं किया जा सकता है। इस चरण पर केवल प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला देखा जाना है, जैसा कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा Versus Counsel for Applicant(s) : Hari Ram, Rajesh Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Smt Sunita .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
आर.पी. कपूर बनाम पंजाब राज्य, ए.आई.आर. 1960 एस.सी. 866, हरियाणा राज्य बनाम भजन लाल, 1992 एससीसी (क्रिमिनल) 426, बिहार राज्य बनाम पी.पी. शर्मा, 1992 एससीसी (क्रिमिनल) 192 और अंत में झंडू फार्मास्युटिकल वर्क्स लिमिटेड बनाम मोहम्मद शराफुल हक एवं अन्य (पैरा-10) 2005 एससीसी (क्रिमिनल) 283 के मामलों में प्रतिपादित कानून के आलोक में स्पष्ट किया गया है। इसलिए, इस मामले की संपूर्ण कार्यवाही को निरस्त करने की प्रार्थना को अस्वीकार किया जाता है।
6. तद्नुसार, आवेदिका की ओर से धारा 528 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत प्रस्तुत यह आवेदन पत्र निरस्त किया जाता है। October 8, 2026 S.Mishra NA528 No. 17224 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad