Allahabad High Court

NA528/3985/2026 of SUBHASH GUPTA Vs STATE OF U.P. AND ANOTHER on 7 October 2026

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JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 3985 of 2026 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अन्तगर्त यह

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 3985 of 2026

Court No. - 73

HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.

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1. आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अन्तर्गत यह आवेदन पत्र मु.अ.सं० 75 सन 2025 अन्तर्गत धारा 281/ 125बी बी.एन.एस. एवं 184 मोटर वेहिकल एक्ट, 1988, थाना रूधौली, जिला बस्ती में प्रेषित आरोप पत्र दिनांक 13.04.2025 जिसमें एडिशनल चीफ जूडीसियल मजिस्ट्रेट-I कोर्ट न. 09 बस्ती, द्वारा पारित प्रसंज्ञान/तलबी आदेश दि० 13.05.2025 को अपास्त करने एवं सम्पूर्ण कार्यवाही को अपास्त करने के उद्देश्य से योजित किया गया है।

2. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।

3. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता के तों को श्रवणोपरान्त, पत्रावली के परिशीलन से न्यायालय ने पाया कि एफ.आई.आर में लगाए गए आरोप एक संज्ञेय अपराध के कमीशन का खुलासा करते हैं एवं वह आरोप, किए गए विवेचना/ अवलोकन के उपरान्त लगाए गए हैं। उन आरोपों को इस न्यायालय द्वारा धारा 528 बी.एन.एस.एस. के तहत अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए, जाँच के दौरान एकत्र की गयी सामग्री के आरोपों की शुद्धता और विश्वसनीयता का आकलन करने की आवश्यकता नहीं है। इस स्तर पर आवेदक अभियुक्त के विवादित बचाव पर विचार नहीं किया जा सकता है। तद्नुसार, प्रसंज्ञान/तलबी या उपरोक्त वाद की कार्यवाही को रद्द करने की प्रार्थना और परिणामी कार्यवाही अस्वीकृत की जाती है।

4. इस स्तर पर, आवेदक के विद्वान अधिवक्ता का अनुरोध है कि आवेदक को अभी तक उपरोक्त मामलें में गिरफ्तार नहीं किया गया है और पुलिस आवेदक को गिरफ्तार करने के प्रयास में है और संबंधित विचारण न्यायालय द्वारा आवेदक के खिलाफ दण्डात्मक प्रक्रिया जारी की जा सकती है। इसलिए, आवेदक के जमानत आवेदन पत्र पर विचार करने के लिए संबंधित Versus Counsel for Applicant(s) : Ravindra Prakash Srivastava Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Subhash Gupta .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)

विचारण न्यायालय को निर्देश जारी कर दिया जाय।

5. यहां प्रासंगिक है कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के प्रकरण को आदेश दि० 07-10-2021 द्वारा पहले ही जमानत हेतु दिशा-निर्देश देते हुए निस्तारित किया जा चुका है, इसके पश्चात् अब संबंधित विचारण न्यायालय को जमानत देने के लिए उनके विवेक और विचार को नियंत्रित करने वाले वैधानिक प्राविधानों को प्रभावित किए बिना, इस न्यायालय द्वारा कोई विशिष्ट निर्देश जारी करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह अपेक्षा की जाती है कि संबंधित विधारण न्यायालय आवेदकगण के जमानत प्रार्थना पत्र को निस्तारित करते सगय माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले से जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखेगा।

6. उपरोक्त टिप्पणियों के साथ, यह आवेदन पत्र अन्तिम रूप से निस्तारित किया जाता है। October 8, 2026 S.Mishra NA528 No. 3985 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad

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