Allahabad High Court
NA528/42946/2026 of KULDEEP Vs STATE OF U.P. AND ANOTHER on 5 October 2026
JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 42946 of 2026 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1.आवेदक की ओर से भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता, 2023 की धारा 528 के अंतगर्त
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 42946 of 2026
Court No. - 73
HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
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1. आवेदक की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 528 के अंतर्गत यह आवेदन पत्र, क्रिमिनल केस संख्या 125452 of 2026 (राज्य बनाम कुलदीप व अन्य), जो अपराध संख्या 0053 of 2025 से उद्भूत है, के संबंध में, धारा 318(4), 319(2) बी.एन.एस. एवं धारा 66D सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, पुलिस स्टेशन साइबर क्राइम, जिला गौतम बुद्ध नगर के अंतर्गत प्रेषित आरोप-पत्र दिनांकित 07.01.2026 तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गौतम बुद्ध नगर द्वारा पारित संज्ञान/समन आदेश दिनांकित 13.08.2026 को अपास्त करने एवं संपूर्ण आपराधिक कार्यवाही को अपास्त करने हेतु योजित किया गया है।
2. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।
3. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता के तों को श्रवणोपरान्त, पत्रावली के परिशीलन से न्यायालय ने पाया कि परिवाद में लगाए गए आरोप एक संज्ञेय अपराध के कमीशन का खुलासा करते हैं एवं वह आरोप, किए गए विवेचना/ अवलोकन के उपरान्त लगाए गए हैं। उन आरोपों को इस न्यायालय द्वारा धारा 528 बी.एन.एस.एस. के तहत अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए, जाँच के दौरान एकत्र की गयी सामग्री के आरोपों की शुद्धता और विश्वसनीयता का आकलन करने की आवश्यकता नहीं है। इस स्तर पर आवेदक अभियुक्त के विवादित बचाव पर विचार नहीं किया जा सकता है। तद्नुसार, प्रसंज्ञान/तलबी या उपरोक्त वाद की कार्यवाही को रद्द करने की प्रार्थना और परिणामी कार्यवाही अस्वीकृत की जाती है।
4. इस स्तर पर, आवेदक के विद्वान अधिवक्ता का अनुरोध है कि आवेदक को अभी तक उपरोक्त मामलें में गिरफ्तार नहीं किया गया है और पुलिस आवेदक को गिरफ्तार करने के प्रयास में है और संबंधित विचारण न्यायालय द्वारा आवेदक के खिलाफ दण्डात्मक प्रक्रिया जारी की जा सकती है। Versus Counsel for Applicant(s) : Abhishek Gupta Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Kuldeep .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
इसलिए, आवेदक के जमानत आवेदन पत्र पर विचार करने के लिए संबंधित विचारण न्यायालय को निर्देश जारी कर दिया जाय।
5. यहां प्रासंगिक है कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के प्रकरण को आदेश दि० 07-10-2021 द्वारा पहले ही जमानत हेतु दिशा- निर्देश देते हुए निस्तारित किया जा चुका है, इसके पश्चात् अब संबंधित विचारण न्यायालय को जमानत देने के लिए उनके विवेक और विचार को नियंत्रित करने वाले वैधानिक प्राविधानों को प्रभावित किए बिना, इस न्यायालय द्वारा कोई विशिष्ट निर्देश जारी करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह अपेक्षा की जाती है कि संबंधित विधारण न्यायालय आवेदकगण के जमानत प्रार्थना पत्र को निस्तारित करते सगय माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले से जारी आवश्यक दिशा- निर्देशों को ध्यान में रखेगा।
6. उपरोक्त टिप्पणियों के साथ, यह आवेदन पत्र अन्तिम रूप से निस्तारित किया जाता है। October 6, 2026 S.Mishra NA528 No. 42946 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad