Allahabad High Court
NA528/43052/2026 of VIBHUTI NARAYAN Vs STATE OF U.P. AND 2 OTHERS on 5 October 2026
JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 43052 of 2026 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एऩ.एस.एस. के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र,
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 43052 of 2026
Court No. - 73
HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
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1. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एऩ.एस.एस. के अन्तर्गत यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 1012/2022 से अन्तर्गत धारा 135 भारतीय विद्युत अधिनियम, थाना एंटी पॉवर थेफ्ट, जिला सोनभद्र, में प्रेषित आरोपपत्र दिनांकित 26.08.2025 जिसमें एडिशनल सेशन जज कोर्ट न. 01 सोनभद्र द्वारा पारित प्रसंज्ञान आदेश दिनांक 06.08.2026 की सम्पूर्ण कार्यवाही को अभिखण्डित किये जाने हेतु योजित किया गया है।
2. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता, विपक्षी (पॉवर कार्पोरेशन) के विद्वान अधिवक्ता श्री नरेन्द्र कुमार तिवारी के सहयोगी अधिवक्ता शरद कुमार आस्थाना एवं विद्वान अपर शासकीय अधिकता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।
3. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता का कथन है कि चूंकि संबंधित वाद समझौता-योग्य (कंपाउंडेबल) है और आवेदक मामले को समझौते के आधार पर पूर्ण रूप से निपटारे हेतु तैयार है, इसलिए आवेदक को विद्युत अधिनियम की धारा 152 के अंतर्गत इस वाद को सुलझाने हेतु संबंधित प्राधिकारी से संपर्क करने के लिए कुछ समय दिया जाए।
4. पावर कॉर्पोरेशन के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता द्वारा कथन किया गया कि अगर विद्युत अधिनियम के संबंधित प्रावधान के तहत वाद का समझौता (कंपाउंडिंग) किया जाता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
5. मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तथा उभयपक्ष के विद्वान अधिवक्तागण के तर्कोंं पर विचार करने के साथ-साथ आवेदक के विद्वान अधिवक्ता की सहमति को देखते हुए, प्रथमदृष्टया यह परिलक्षित हो रहा है कि वर्तमान वाद को लंबित रखने से कोई लाभ नहीं होगा।
Versus Counsel for Applicant(s) : Krishna Kumar Chaurasia, Shri Chand Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Vibhuti Narayan .....Applicant(s) State Of U.P. And 2 Others .....Opposite Party(s)
6. उपरक्तानुसार, आवेदक के विद्वान अधिवक्ता को निर्देशित किया जाता है कि यदि आवेदक आज से दो सप्ताह के भीतर संबंधित प्राधिकारी के पास इस आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि के साथ विद्युत अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत कंपाउंडिंग के लिए प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करता है, तो संबंधित प्राधिकारी कानून में प्रदत्त प्रावधानों के तहत जल्द से जल्द उस प्रार्थनापत्र पर विचार करके एवं उभयपक्ष को सुनने के पश्चात प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करने की तिथि से छह सप्ताह के भीतर उसका निस्तारण करेगा।
7. तद्नुसार, वर्तमान वाद में आज से दो माह की अवधि तक या आवेदक द्वारा प्रस्तुत प्रार्थनापत्र के निस्तारण तक (इनमें से जो भी पहले हो), आवेदक के विरुद्ध कोई प्रपीड़क कार्यवाही नहीं की जाएगी।
8. यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि आवेदक उक्त आदेश का अनुपालन नहीं करता है, तो यह आदेश स्वतः निष्प्रभावी समझा जाय और संबंधित विद्वान विचारण न्यायालय आवेदक के विरुद्ध कार्यवाही हेतु स्वतंत्र होगा।
9. उपरोक्त दिशा-निर्देशों के साथ वर्तमान प्रार्थनापत्र अंतर्गत धारा 528 बी.एन.एस.एस. अंतिम रूप से निस्तारित किया जाता है। October 6, 2026 S.Mishra NA528 No. 43052 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad