Allahabad High Court
NA528/42573/2026 of PANNA LAL YADAV AND 5 OTHERS Vs STATE OF U.P. AND ANOTHER on 4 October 2026
JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 42573 of 2026 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र, केस
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 42573 of 2026
Court No. - 73
HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
Citations and Judicial Treatment
Cited by
0
Decisions in the index citing it
Cites
0
Decisions referred to
In this index
0
Of the decisions it cites
Overruled / Questioned
0
No negative treatment found
Loading the citing and cited decisions…
This judgment in the centre: on the left the decisions it cites, on the right the decisions citing it. Colour is the treatment; choose a decision to open it.
1. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अन्तर्गत यह आवेदन पत्र, केस संख्या 2735 of 2026 (राज्य बनाम अर्जुन लाल यादव व अन्य), जो अपराध संख्या 0063 of 2026 से उद्भूत है, के संबंध में, धारा 305(a), 324(5), 3(5) बी.एन.एस. 2023 एवं धारा 3/5 प्रिवेंशन ऑफ पब्लिक डैमेजेस एक्ट, पुलिस स्टेशन फाफामऊ, जिला गंगानगर (कमिश्नरेट प्रयागराज) में प्रेषित आरोप पत्र दिनांकित 13.06.2026 तथा संज्ञान आदेश दिनांकित 27.07.2026 को अपास्त करने एवं संपूर्ण कार्यवाही अपास्त करने हेतु योजित किया गया है।
2. आवेदकगण के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।
3. आवेदकगण के विद्वान अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया कि आवेदकगण के विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क प्रस्तुत किया गया कि आवेदकगण के खिलाफ कोई अपराध नही बनता है और वर्तमान अभियोग आवेदकगण का उत्पीड़न करने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण इरादे से शुरू किया गया है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कुछ दस्तावेज़ और बयान प्रस्तुत किए।
4. विद्वान अधिवक्ता अपर शासकीय अधिवक्ता द्वारा आवेदकगण के तकों का प्रबल विरोध किया गया।
5. उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्ता के तर्कोंं एवं अभिलेख पर मौजूद सामग्री के अवलोकन से और इस चरण पर मामले के तथ्यों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि आवेदक के विरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है। बार (न्यायालय) के समक्ष किए गए सभी अभिवचन (submissions) तथ्य के विवादित प्रश्नों से संबंधित हैं, जिनका इस न्यायालय द्वारा धारा 528 बी.एन.एन.एस. के अंतर्गत न्यायिक निर्णय नहीं किया जा सकता है। इस चरण पर केवल प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला देखा जाना है, जैसा कि माननीय उच्चतम Versus Counsel for Applicant(s) : Anil Mishra, Jitendra Kumar Tiwari, Rajesh Babu Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Panna Lal Yadav And 5 Others .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
न्यायालय द्वारा आर.पी. कपूर बनाम पंजाब राज्य, ए.आई.आर. 1960 एस.सी. 866, हरियाणा राज्य बनाम भजन लाल, 1992 एससीसी (क्रिमिनल) 426, बिहार राज्य बनाम पी.पी. शर्मा, 1992 एससीसी ( क्रिमिनल) 192 और अंत में झंडू फार्मास्युटिकल वर्क्स लिमिटेड बनाम मोहम्मद शराफुल हक एवं अन्य (पैरा -10) 2005 एससीसी (क्रिमिनल) 283 के मामलों में प्रतिपादित कानून के आलोक में स्पष्ट किया गया है। इसलिए, इस मामले की संपूर्ण कार्यवाही को निरस्त करने की प्रार्थना को अस्वीकार किया जाता है।
6. तद्नुसार, आवेदकगण की ओर से धारा 528 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत प्रस्तुत यह आवेदन पत्र निरस्त किया जाता है। October 5, 2026 S.Mishra NA528 No. 42573 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad