Allahabad High Court
NA528/42145/2026 of AJAY KUSHWAHA @ AJAY KUMAR SINGH Vs STATE OF U.P. AND ANOTHER on 29 September 2026
JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 42145 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदकगण की ओर से धारा 582 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अन्तगर्त
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 42145 of 2026
Court No. - 75
HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
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1. आवेदकगण की ओर से धारा 582 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अन्तर्गत यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 275 सन 2023 अन्तर्गत धारा 3 सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनिय 1984, थाना खुखुन्दू, जिला देवरिया में प्रेषित आरोप पत्र दि० 28.12.2023 से उद्भूत वाद सं० 14562/2024 (State Vs. Ajay Kumar Singh), जो अपर सिविल न्यायाधीश (न्यायिक), कोर्ट सं० 25, देवरिया के न्यायालय में लंबित है, में पारित प्रसंज्ञान/तलबी आदेश दि० 22.11.2024 व इस वाद की संपूर्ण कार्यवाही को अभिखण्डित करने हेतु योजित किया गया है।
2. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता के स्थान पर उनके सहयोगी विद्वान अधिवक्ता श्री अजय कुमार श्रीवास्तव एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।
3. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता के तर्कोंं को श्रवणोपरान्त, पत्रावली के परिशीलन से न्यायालय ने पाया कि प्रथम सूचना रिपोर्ट/वाद में लगाए गए आरोप एक संज्ञेय अपराध के कमीशन का खुलासा करते हैं एवं वह आरोप, किए गए विवेचना/ अवलोकन के उपरान्त लगाए गए हैं। उन आरोपों को इस न्यायालय द्वारा धारा 482 दं०प्र०सं०/धारा 528 बी.एन.एस.एस. के तहत अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए, जॉच के दौरान एकत्र की गयी सामग्री के आरोपों की शुद्धता और विश्वसनीयता का आकलन करने की आवश्यकता नहीं है। इस स्तर पर आवेदक/ अभियुक्त के विवादित बचाव पर विचार नहीं किया जा सकता है। तद्नुसार, प्रसंज्ञान/तलबी या उपरोक्त वाद की कार्यवाही को रद्द करने की प्रार्थना और परिणामी कार्यवाही अस्वीकृत की जाती है।
4. इस स्तर पर, आवेदक के विद्वान अधिवक्ता का अनुरोध है कि आवेदक को अभी तक उपरोक्त मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया है और पुलिस आवेदक को गिरफ्तार करने के प्रयास में है और संबंधित विचारण न्यायालय द्वारा आवेदक के खिलाफ दण्डात्मक प्रक्रिया जारी की जा सकती है। इसलिए, आवेदक के जमानत आवेदन पत्र पर विचार करने के लिए संबंधित विचारण न्यायालय को निर्देश जारी कर दिया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Anup Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ajay Kushwaha @ Ajay Kumar Singh .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
5. यहां प्रासंगिक है कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के प्रकरण को आदेश दि० 07-10-2021 द्वारा पहले ही जमानत हेतु दिशा-निर्देश देते हुए निस्तारित किया जा चुका है, इसके पश्चात् अब संबंधित विचारण न्यायालय को जमानत देने के लिए उनके विवेक और विचार को नियंत्रित करने वाले वैधानिक प्राविधानों को प्रभावित किए बिना, इस न्यायालय द्वारा कोई विशिष्ट निर्देश जारी करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह अपेक्षा की जाती है कि संबंधित विचारण न्यायालय आवेदक के जमानत प्रार्थना पत्र को निस्तारित करते समय माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले से जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखेगा।
6. उपरोक्त टिप्पणियों के साथ, यह आवेदन पत्र अन्तिम रूप से निस्तारित किया जाता है। September 30, 2026 CP.sahani NA528 No. 42145 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad