Allahabad High Court
NA528/40466/2026 of RAHUL SRIVASTAVA Vs STATE OF U.P. AND ANOTHER on 22 September 2026
JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 40466 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र, आपरािधक
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 40466 of 2026
Court No. - 75
HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
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1. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अन्तर्गत यह आवेदन पत्र, आपराधिक मामला संख्या 69822/2024, जो अपराध संख्या 156/2023 (राज्य बनाम अभिषेक शुक्ला और अन्य) से उद्भूत है, के संबंध में, धारा 380, 427, 454, 506 भारतीय दंड संहिता एवं धारा 3/5 शस्त्र अधिनियम, थाना नौबस्ता, कमिश्नरेट कानपुर नगर में प्रेषित आरोप पत्र दिनांकित 17.07.2023 जिसमें विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर द्वारा पारित प्रसंज्ञान/तलबी आदेश को अपास्त करने एवं संपूर्ण कार्यवाही अपास्त करने हेतु योजित किया गया है।
2. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।
3. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया कि आवेदक के विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क प्रस्तुत किया गया कि आवेदक के खिलाफ कोई अपराध नही बनता है और वर्तमान अभियोग आवेदक का उत्पीड़न करने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण इरादे से शुरू किया गया है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कुछ दस्तावेज़ और बयान प्रस्तुत किए।
4. विद्वान अधिवक्ता अपर शासकीय अधिवक्ता द्वारा आवेदक के तकों का प्रबल विरोध किया गया।
5. उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्ता के तर्कोंं एवं अभिलेख पर मौजूद सामग्री के अवलोकन से और इस चरण पर मामले के तथ्यों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि आवेदक के विरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है। बार (न्यायालय) के समक्ष किए गए सभी अभिवचन ( submissions) तथ्य के विवादित प्रश्नों से संबंधित हैं, जिनका इस न्यायालय द्वारा धारा 528 Versus Counsel for Applicant(s) : Ankit Yadav, Narayan Singh(Kushwaha) Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Rahul Srivastava .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
बी.एन.एन.एस. के अंतर्गत न्यायिक निर्णय नहीं किया जा सकता है। इस चरण पर केवल प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला देखा जाना है, जैसा कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आर.पी. कपूर बनाम पंजाब राज्य, ए.आई.आर. 1960 एस.सी. 866, हरियाणा राज्य बनाम भजन लाल, 1992 एससीसी (क्रिमिनल) 426, बिहार राज्य बनाम पी.पी. शर्मा, 1992 एससीसी (क्रिमिनल) 192 और अंत में झंडू फार्मास्युटिकल वर्क्स लिमिटेड बनाम मोहम्मद शराफुल हक एवं अन्य (पैरा-10) 2005 एससीसी (क्रिमिनल) 283 के मामलों में प्रतिपादित कानून के आलोक में स्पष्ट किया गया है। इसलिए, इस मामले की संपूर्ण कार्यवाही को निरस्त करने की प्रार्थना को अस्वीकार किया जाता है।
6. तद्नुसार, आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत प्रस्तुत यह आवेदन पत्र निरस्त किया जाता है। September 23, 2026 S.Mishra NA528 No. 40466 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad