Allahabad High Court
NA528/40470/2026 of DWARIKA AND ANOTHER Vs STATE OF U.P. AND ANOTHER on 22 September 2026
JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 40470 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदकगण की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अन्तगर्त
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 40470 of 2026
Court No. - 75
HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
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1. आवेदकगण की ओर से धारा 528 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अन्तर्गत यह आवेदन पत्र, मु.अ.सं० 53 सन 2021 अन्तर्गत धारा 143/ 186/ 353/ 269/ 342/ 188 भा०दं०वि० एवं धारा 3 महामारी अधि., थाना बभनी, जिला सोनभद्र में प्रेषित आरोप पत्र दिनांक 15.06.2021 जिसमें एडिशनल सिविल जज (जू.डि.)/जूडीसियल मजिस्ट्रेट दुद्धी सोनभद्र द्वारा पारित प्रसंज्ञान तलबी आदेश दि० 05.01.2022 को अपास्त करने एवं सम्पूर्ण कार्यवाही को अपास्त करने के उद्देश्य से योजित किया गया है।
2. आवेदकगण के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।
3. आवेदकगण के विद्वान अधिवक्ता के तकों को श्रवणोपरान्त, पत्रावली के परिशीलन से न्यायालय ने पाया कि परिवाद में लगाए गए आरोप एक संज्ञेय अपराध के कमीशन का खुलासा करते हैं एवं वह आरोप, किए गए विवेचना/ अवलोकन के उपरान्त लगाए गए हैं। उन आरोपों को इस न्यायालय द्वारा धारा 482 दं०प्र०सं०/धारा 528 बी.एन.एस.एस. के तहत अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए, जॉच के दौरान एकत्र की गयी सामग्री के आरोपों की शुद्धता और विश्वसनीयता का आकलन करने की आवश्यकता नहीं है। इस स्तर पर आवेदकगण / अभियुक्तगण के विवादित बचाव पर विचार नहीं किया जा सकता है। तद्नुसार, प्रसंज्ञान या उपरोक्त वाद की कार्यवाही को रद्द करने की प्रार्थना और परिणामी कार्यवाही अस्वीकृत की जाती है।
4. इस स्तर पर, आवेदकगण के विद्वान अधिवक्ता का अनुरोध है कि आवेदकगण को अभी तक उपरोक्त मामलें में गिरफ्तार नहीं किया गया है और पुलिस आवेदकगण को गिरफ्तार करने के प्रयास में है और संबंधित विचारण न्यायालय द्वारा आवेदकगण के खिलाफ दण्डात्मक प्रक्रिया Versus Counsel for Applicant(s) : Dinesh Kumar, R.B. Pal Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Dwarika And Another .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
जारी की जा सकती है। इसलिए, आवेदकगण के जमानत आवेदन पत्र पर विचार करने के लिए संबंधित विचारण न्यायालय को निर्देश जारी कर दिया जाय।
5. यहां प्रासंगिक है कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के प्रकरण को आदेश दि० 07-10-2021 द्वारा पहले ही जमानत हेतु दिशा-निर्देश देते हुए निस्तारित किया जा चुका है, इसके पश्चात् अब संबंधित विचारण न्यायालय को जमानत देने के लिए उनके विवेक और विचार को नियंत्रित करने वाले वैधानिक प्राविधानों को प्रभावित किए बिना, इस न्यायालय द्वारा कोई विशिष्ट निर्देश जारी करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह अपेक्षा की जाती है कि संबंधित विधारण न्यायालय आवेदकगण के जमानत प्रार्थना पत्र को निस्तारित करते सगय माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले से जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखेगा।
6. उपरोक्त टिप्पणियों के साथ, यह आवेदन पत्र अन्तिम रूप से निस्तारित किया जाता है। September 23, 2026 S.Mishra NA528 No. 40470 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad