Allahabad High Court

NA528/40647/2026 of SANDEEP SINGH Vs STATE OF U.P. AND 2 OTHERS on 22 September 2026

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JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 40647 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक द्वारा पत्रावली पर कुछ वािंछत संशोधन करने की अनुमित मांगी

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 40647 of 2026

Court No. - 75

HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.

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1. आवेदक द्वारा पत्रावली पर कुछ वांछित संशोधन करने की अनुमति मांगी गयी जिसको न्यायालय द्वारा स्वीकार किया गया एवं अनुमति प्रदान की गयी।

2. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एऩ.एस.एस. के अन्तर्गत यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 2563/2022 से अन्तर्गत धारा 135 भारतीय विद्युत अधिनियम, थाना एंटी पॉवर थेफ्ट थाना कानपुर शहर, जिला कानपुर नगर में प्रेषित आरोप पत्र दिनांक 19.02.2025, जिसमें स्पेशल जज ई.सी. एक्ट/एडिशनल सेशन जज, कोर्ट न. 04 कानपुर नगर द्वारा पारित प्रसंज्ञान/तलबी आदेश दिनांक 05.04.2025 की सम्पूर्ण कार्यवाही को अभिखण्डित किये जाने हेतु योजित किया गया है।

2. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता अन्नपूर्णा देवी की सहयोगी अधिवक्ता पूजा एवं विपक्षी (पॉवर कार्पोरेशन) के विद्वान अधिवक्ता श्री अनुभव सिंह एवं विद्वान अपर शासकीय अधिकता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।

3. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता का कथन है कि चूंकि संबंधित वाद समझौता-योग्य (कंपाउंडेबल) है और आवेदक मामले को समझौते के आधार पर पूर्ण रूप से निपटारे हेतु तैयार है, इसलिए आवेदक को विद्युत अधिनियम की धारा 152 के अंतर्गत इस वाद को सुलझाने हेतु संबंधित प्राधिकारी से संपर्क करने के लिए कुछ समय दिया जाए।

4. पावर कॉर्पोरेशन के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता द्वारा कथन किया गया कि अगर विद्युत अधिनियम के संबंधित प्रावधान के तहत वाद का समझौता (कंपाउंडिंग) किया जाता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

Versus Counsel for Applicant(s) : Annapurna Devi, Jyoti Rai Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Usha Kiran Sandeep Singh .....Applicant(s) State Of U.P. And 2 Others .....Opposite Party(s)

5. मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तथा उभयपक्ष के विद्वान अधिवक्तागण के तर्कोंं पर विचार करने के साथ-साथ आवेदक के विद्वान अधिवक्ता की सहमति को देखते हुए, प्रथमदृष्टया यह परिलक्षित हो रहा है कि वर्तमान वाद को लंबित रखने से कोई लाभ नहीं होगा।

6. उपरक्तानुसार, आवेदक के विद्वान अधिवक्ता को निर्देशित किया जाता है कि यदि आवेदक आज से दो सप्ताह के भीतर संबंधित प्राधिकारी के पास इस आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि के साथ विद्युत अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत कंपाउंडिंग के लिए प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करता है, तो संबंधित प्राधिकारी कानून में प्रदत्त प्रावधानों के तहत जल्द से जल्द उस प्रार्थनापत्र पर विचार करके एवं उभयपक्ष को सुनने के पश्चात प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करने की तिथि से छह सप्ताह के भीतर उसका निस्तारण करेगा।

7. तद्नुसार, वर्तमान वाद में आज से दो माह की अवधि तक या आवेदक द्वारा प्रस्तुत प्रार्थनापत्र के निस्तारण तक (इनमें से जो भी पहले हो), आवेदक के विरुद्ध कोई प्रपीड़क कार्यवाही नहीं की जाएगी।

8. यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि आवेदक उक्त आदेश का अनुपालन नहीं करता है, तो यह आदेश स्वतः निष्प्रभावी समझा जाय और संबंधित विद्वान विचारण न्यायालय आवेदक के विरुद्ध कार्यवाही हेतु स्वतंत्र होगा।

9. उपरोक्त दिशा-निर्देशों के साथ वर्तमान प्रार्थनापत्र अंतर्गत धारा 528 बी.एन.एस.एस. अंतिम रूप से निस्तारित किया जाता है। September 23, 2026 S.Mishra NA528 No. 40647 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad

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