Allahabad High Court
A482/24455/2024 of RAJAT SAHU Vs State of U.P. AND ANOTHER on 17 September 2026
JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 482 No. - 24455 of 2024 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से धारा 482 सी.आर.पी.सी. के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 413
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
APPLICATION U/S 482 No. - 24455 of 2024
Court No. - 75
HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
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1. आवेदक की ओर से धारा 482 सी.आर.पी.सी. के अन्तर्गत यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 413 सन 2023, अन्तर्गत धारा 420 भा.दं.सं. एवं 63/65 कॉपीराइट एक्ट, थाना नौबस्ता, जिला कानपुर नगर में प्रेषित आरोप पत्र दिनांक 09.01.2024 जिसमें विशेष जूडीसियल मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर, द्वारा पारित प्रसज्ञान/तलबी आदेश दि० 24.05.2024 को अपास्त करने एवं सम्पूर्ण कार्यवाही को अपास्त करने हेतु योजित किया गया है।
2. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।
3. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया कि आवेदक के विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क प्रस्तुत किया गया कि आवेदक के खिलाफ कोई अपराध नही बनता है और वर्तमान अभियोग आवेदक का उत्पीड़न करने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण इरादे से शुरू किया गया है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कुछ दस्तावेज़ और बयान प्रस्तुत किए।
4. विद्वान अधिवक्ता अपर शासकीय अधिवक्ता द्वारा आवेदक के तकों का प्रबल विरोध किया गया।
5. उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्ता के तर्कोंं एवं अभिलेख पर मौजूद सामग्री के अवलोकन से और इस चरण पर मामले के तथ्यों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि आवेदक के विरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है। बार (न्यायालय) के समक्ष किए गए सभी अभिवचन ( submissions) तथ्य के विवादित प्रश्नों से संबंधित हैं, जिनका इस न्यायालय द्वारा धारा 528 बी.एन.एन.एस. के अंतर्गत न्यायिक निर्णय नहीं किया जा सकता है। इस चरण पर केवल प्रथम Versus Counsel for Applicant(s) : Aman Srivastava, Manvendra Singh, Pradeep Saxena Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Kashif Zaidi Rajat Sahu .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
दृष्टया (prima facie) मामला देखा जाना है, जैसा कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आर.पी. कपूर बनाम पंजाब राज्य, ए.आई.आर. 1960 एस.सी. 866, हरियाणा राज्य बनाम भजन लाल, 1992 एससीसी (क्रिमिनल) 426, बिहार राज्य बनाम पी.पी. शर्मा, 1992 एससीसी (क्रिमिनल) 192 और अंत में झंडू फार्मास्युटिकल वर्क्स लिमिटेड बनाम मोहम्मद शराफुल हक एवं अन्य (पैरा-10) 2005 एससीसी (क्रिमिनल) 283 के मामलों में प्रतिपादित कानून के आलोक में स्पष्ट किया गया है। इसलिए, इस मामले की संपूर्ण कार्यवाही को निरस्त करने की प्रार्थना को अस्वीकार किया जाता है।
6. तद्नुसार, आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत प्रस्तुत यह आवेदन पत्र निरस्त किया जाता है। September 18, 2026 S.Mishra A482 No. 24455 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad