Allahabad High Court
WRIC/37480/2026 of SMT. GUNJA AND ANOTHER Vs STATE OF U.P. AND 4 OTHERS on 17 September 2026
JUDICATURE AT ALLAHABAD WRIT - C No. - 37480 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. याचीगण के िवद्वान अिधवक्ता, िवद्वान स्थायी अिधवक्ता को सुना तथा
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
WRIT - C No. - 37480 of 2026
Court No. - 75
HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
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1. याचीगण के विद्वान अधिवक्ता, विद्वान स्थायी अधिवक्ता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।
2. इस याचिका के माध्यम से याचीगण ने एक परमादेश रिट जारी करने की मांग की है जिसमें प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाए कि वे याचीगण के शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी के रूप में हस्तक्षेप न करें और साथ ही संबंधित अधिकारियों को याचीगण को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।
3. विद्वान स्थायी अधिवक्ता ने प्रस्तुत किया कि याची संख्या 1, याची संख्या 2 के साथ लिव- इन रिलेशनशिप में है और उससे विवाह किए बिना उसके साथ रह रही है। उन्होंने आगे प्रस्तुत किया कि याची संख्या 1 पहले से ही विवाहित है और वह याची संख्या 2 के साथ उसकी स्वतंत्र इच्छा और सहमति से रह रही है, लेकिन उसने अपनी पिछले पति से तलाक नहीं लिया है, इसलिए किसी भी प्रकार की सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती है और यदि ऐसी मांग की जाती है तो यह भारतीय दंड संहिता की धारा 494/495 के तहत अपराध का अपराध है। अपने तर्क के समर्थन में, विद्वान स्थायी वकील ने इस न्यायालय द्वारा रिट-सी संख्या 18743/2020 (आशा देवी और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य) में दिनांक 01.12.2020 को दिए गए निर्णय का हवाला दिया
4. यह सर्वविदित कानून है कि परमादेश याचिका कानून के विरुद्ध या किसी वैधानिक प्रावधान, जिसमें दंडात्मक प्रावधान भी शामिल हैं, को विफल करने के लिए जारी नहीं की जा सकती। इस मामले में, यह सर्वविदित तथ्य है कि याचिकाकर्ता संख्या 1 पहले से ही विवाहित है और याचिकाकर्ता संख्या 2 के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में है, अतः इस न्यायालय की राय में, परमादेश याचिका जारी करके कोई संरक्षण प्रदान नहीं किया जा सकता।
Versus Counsel for Petitioner(s) : Babu Lal Ram, Jyoti Bhushan Counsel for Respondent(s) : C.S.C. Smt. Gunja And Another .....Petitioner(s) State Of U.P. And 4 Others .....Respondent(s)
5. याचिका में कोई दम नहीं है और इसलिए इसे खारिज किया जाता है। September 18, 2026 S.Mishra WRIC No. 37480 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad