Allahabad High Court
NA528/37583/2026 of ADARSH Vs STATE OF UP AND ANOTHER on 15 September 2026
JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 37583 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एऩ.एस.एस. के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र,
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 37583 of 2026
Court No. - 75
HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
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1. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एऩ.एस.एस. के अन्तर्गत यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 390/2018 से उद्भूत वाद सं० 979/2023, अन्तर्गत धारा 354, 452, 504, 506 भा.दं.सं . एवं धारा 7/8 पॉक्सो अधिनियम, थाना गोला, जिला गोरखपुर, में विद्वान ए.डी.जे./विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो, गोरखपुर द्वारा पारित तलबी आदेश दिनांक 06.04.2023 की सम्पूर्ण कार्यवाही को अपास्त किये जाने हेतु योजित किया गया है।
2. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिकता श्री चंदन सिंह को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।
3. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया कि उर्पयुक्त मामलें में विचारण न्यायालय द्वारा आक्षेपित तलबी आदेश पारित करते समय न तो साक्ष्यों की कोई विवेचना की गई और न ही इस पर विचार किया गया कि अभियुक्त द्वारा कथित रूप से क्या कृत्य किया गया था। अग्रिम उनके द्वारा कथन किया गया कि प्रश्नगत मामले में तथ्यों का सम्यक परिशीलन नहीं किया गया तथा प्रश्नगत आदेश एक 'स्पीकिंग' (सकारण) एवं तर्कसंगत आदेश नहीं है तथा उक्त प्रश्नगत आदेश मात्र अनुमानों और कयासों के आधार पर पारित किया गया है। अतः उपरोक्त प्रश्नगत आदेश समुचित विवेचना एवं तथ्यों पर आधारित नहीं है। इसलिए, प्रश्नगत आदेश त्रुटिपूर्ण है एवं अपास्त किए जाने योग्य है।
4. विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता ने कथन किया कि प्रश्नगत मामलें में समुचित विवेचना के उपरांत विचारण न्यायालय द्वारा पर्याप्त आधार पर प्रश्नगत तलबी आदेश पारित किया है, जिसमें कोई विधिक अथवा क्षेत्राधिकार संबंधी त्रुटि परिलक्षित नहीं हो रही है। उनका यह भी कथन है कि आवेदक के विद्वान अधिवक्ता द्वारा प्रश्नगत आदेश को अपास्त करने हेतु जो तर्क प्रस्तुत किए गए वे बलहीन है इसलिए, प्रश्नगत आदेश में हस्तक्षेप किए जाने की कोई Versus Counsel for Applicant(s) : Niraj Kushwaha, Suresh Chandra Kushwaha Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Adarsh .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
आवश्यकता प्रतीत नहीं हो रही है।
5. उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्तागण के तर्कोंं को श्रवणोपरांत एवं पत्रावली व प्रश्नगत आदेशों का सम्यक रूपेण परिशीलन किया तथा विद्वान विचारण न्यायालय द्वारा पारित प्रश्नगत आदेश समुचित विवेचना पर आधारित है, सकारण एवं उचित आदेश है। उसमें कोई सारवान अनियमितता, अनौचित्यता या प्रक्रिया या क्षेत्राधिकार संबंधी त्रुटि परिलक्षित नहीं होती है, इसलिए यह आवेदन पत्र को निरस्त किए जाने योग्य है।
6. तद्नुसार, आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत प्रस्तुत यह आवेदन पत्र निरस्त किया जाता है।
7. कार्यालय को निर्देश दिया जाता है कि इस आदेश की एक प्रतिलिपि संबंधित विचारण न्यायालय को अविलम्ब भेजना सुनिश्चित किया जाय।
8. यदि इस वाद में कोई अंतरिम आदेश हो तो, उसे समाप्त समझा जाय। September 16, 2026 Pawan Kumar NA528 No. 37583 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad