Allahabad High Court
BAIL/30980/2026 of KALLU Vs STATE OF U.P. on 15 September 2026
JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 30980 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. यह आवेदक का िद्वतीय जमानत प्राथर्नापत्र ह।ै आवेदक का प्रथम
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 30980 of 2026
Court No. - 75
HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
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1. यह आवेदक का द्वितीय जमानत प्रार्थनापत्र है। आवेदक का प्रथम जमानत प्रार्थनापत्र सं० 6069/2026, आदेश दिनांकित 02.07.2026 को निरस्त किया जा चुका है।
2. आवेदक की विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता श्री चंदन सिंह को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।
3. वर्तमान दाण्डिक प्रकीर्ण जमानत प्रार्थना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 141 वर्ष 2025, अन्तर्गत धारा 103(1), 351(3), 352, 3/5 बी.एन.एस. एवं धारा 3/25/27 आयुध अधिनियम, थाना परौर, जिला शाहजहाँपुर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत किया गया है।
4. आवेदक की विद्वान अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया कि आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फर्जी ढंग से झूठा फंसाया गया है, उसने कथित अपराध कारित नहीं किया है। अग्रिम आवेदक की विद्वान अधिवक्ता द्वारा कथन किया गया कि प्रश्नगत वाद में अभी तक विधि विज्ञान प्रयोगशाला की आख्या प्राप्त नहीं हुई है। उनके द्वारा यह भी कथन किया गया कि वर्तमान वाद में सत्र परीक्षण प्रारम्भ नहीं हुआ है, जिससे निकट भविष्य में सत्र परीक्षण पूर्ण होने की सम्भावना परीलक्षित नहीं हो रही है। आवेदक निर्दोष है तथा वह इस प्रकरण में दि० 09.11.2025 से कारागार में निरुद्ध है। इसलिए आवेदक को जमानत पर छोड़ दिया जाय।
5. विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता श्री चंदन सिंह ने आवेदक के जमानत का प्रबल विरोध करते हुए तर्क प्रस्तुत किया कि यह आवेदक का द्वितीय जमानत प्रार्थनापत्र है तथा दिनांक 02.07.2026 को आवेदक का प्रथम जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त किया जा चुका है एवं उक्त जमानत प्रार्थनापत्र निरस्तीकरण के बाद कोई नवीन तथ्य पत्रावली पर संलग्न नहीं किया गया है। आवेदक द्वारा कारित अपराध संज्ञेय प्रकृति का है, इसलिए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा Versus Counsel for Applicant(s) : Madhu Tandon, Pratibha Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Kallu .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
जाए।
6. वर्तमान मामले में जमानत संबंधी विधि के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता के तर्कोंं के परिप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथमदृष्टया आवेदक की विद्वान अधिवक्ता द्वारा जमानत प्रार्थनापत्र के संबंध में कोई नवीन तथ्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। अतः आवेदक को जमानत पर मुक्त किए जाने का कोई औचित्य नहीं है तथा यह जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त किये जाने योग्य है।
7. उपरोक्तानुसार, वाद के गुण-दोष को प्रभावित किये बगैर यह जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त किया जाता है। September 16, 2026 Pawan Kumar BAIL No. 30980 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad