Allahabad High Court

NA528/32991/2026 of CHANDAN GUPTA Vs STATE OF U.P. AND 4 OTHERS on 13 September 2026

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JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 32991 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 32991 of 2026

Court No. - 75

HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.

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1. आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत प्रस्तुत यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 264/2023 अन्तर्गत धारा 363 भा०दं०वि० व धारा 17/18 पाक्सो एक्ट, थाना गुन्नौर, जिला संभल स्थित चंदौसी में प्रेषित आरोप पत्र, दिनांकित 23.11.2023 से उद्भूत एस.एस.टी. सं० 155/2023 (State Vs. Chandan Gupta) में विशेष न्यायाधीश, पाक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश, संबल स्थित चंदौसी द्वारा पारित प्रसंज्ञान/तलबी आदेश दिनांकित 22.12.2023 तथा इस वाद की संपूर्ण कार्यवाही को खण्डित करने हेतु योजित किया गया है।

2. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता, विपक्षी सं० 3 विद्वान अधिवक्ता एवं विद्वान अपर शासकीय अधिवक्ता को सुना तथा पत्रावली का परिशीलन किया।

3. विपक्षी सं० 3 विद्वान अधिवक्ता द्वारा प्रतिशपथ-पत्र दाखिल किया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय।

4. आवेदक के विद्वान अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया कि आवेदक और विपरीत पक्ष संख्या 3 का विवाह हो चुका है और वे अत्यंत प्रसन्नतापूर्वक एक साथ रह रहे हैं तथा विगत 1.5 वर्ष से हैदराबाद में निवास कर रहे हैं। आवेदक और विपरीत पक्ष संख्या 3 तत्समय एक-दूसरे के साथ संबंध में थे और विपरीत पक्ष संख्या 3 के वयस्क होने के पश्चात विवाह करने का पूर्ण आशय रखते थे। कथित घटना के समय विपरीत पक्ष संख्या 3 घर से गई, उस समय उसकी आयु 17 वर्ष 11 महीने और 10 दिन थी, क्योंकि उसकी जन्म तिथि दिनांक 15.08.2006 है। इसके पश्चात आवेदक ने आदरपूर्वक विपक्षी संख्या 3 के घर जाकर उसके माता-पिता से उनका विवाह कराने का अनुरोध किया, और उसने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पुत्री के विरुद्ध उसका कोई दुराशय नहीं है। इसके पश्चात आवेदक और विपरीत पक्ष संख्या 3 का विवाह दिनांक 22.02.2025 को संभल में संपन्न हुआ। तब से आवेदक और विपरीत पक्ष संख्या 3 Versus Counsel for Applicant(s) : Akanksha Mishra Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Chandan Gupta .....Applicant(s) State Of U.P. And 4 Others .....Opposite Party(s)

हैदराबाद में एक वैवाहिक जोड़े के रूप में प्रसन्नतापूर्वक रह रहे हैं। इसलिए, प्रश्नगत आदेश अपास्त किए जाने योग्य है।

5. इसके अतिरिक्त, विपक्षी सं० 3 (पीड़िता) द्वारा भी उपर्युक्त कथनों पर पूर्ण सहमति प्रकट की गई तथा उनके द्वारा प्रतिशपथ-पत्र के माध्यम से यह अकाट्य तथ्य प्रस्तुत किया गया कि पीड़िता ने अपनी स्वेच्छा से आवेदक का साथ दिया था और इसमें किसी भी प्रकार का बल, प्रपीड़न या प्रलोभन नहीं था। विपक्षी सं० 3 (पीड़िता) ने अपनी व्यक्तिगत रीति-रिवाजों और प्रथाओं के अनुसार दिनांक 22.02.2025 को आवेदक के साथ एक विधिमान्य विवाह संपन्न कर लिया है तथा एक वैवाहिक जोड़े के रूप में प्रसन्नतापूर्वक रह रहे हैं। अतः प्रश्नगत आदेश को निरस्त कर दिया जाए।

6. उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्तागण के तर्कोंं एवं माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रतिपादित विधि के सिद्धांतों के आलोक में, जहाँ पक्षकारों ने आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर लिया है, वयस्क होने पर विवाह कर लिया है और वर्तमान में एक शांतिपूर्ण व सुखी जीवन जी रहे हैं, ऐसी स्थिति में आपराधिक कार्यवाही को जारी रखना न्याय के उद्देश्यों को विफल करेगा। पीड़िता और उसके परिवार की सहमति तथा उनके वैवाहिक जीवन की स्थिरता को ध्यान में रखते हुए, इस मामले की संपूर्ण कार्यवाही को समाप्त करना ही उचित प्रतीत होता है। इसलिए, यह आवेदन पत्र स्वीकार किये जाने योग्य है।

7. तद्नुसार, यह आवेदन पत्र स्वीकार किया जाता है तथा उपरोक्त वर्णित वाद की संपूर्ण कार्यवाही अभिखण्डित (Quashed) की जाती है।

8. प्रश्नगत प्रकरण में यदि कोई अन्तरिम आदेश हो तो उसे समाप्त समझा जाय।

9. कार्यालय को निर्देश दिया जाता है कि इस आदेश की एक प्रतिलिपि संबंधित न्यायालय को अविलम्ब भेजना सुनिश्चित करे। September 14, 2026 CP.sahani NA528 No. 32991 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad

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