Allahabad High Court

NABAIL/3948/2026 of LAKHAN AND 2 OTHERS Vs STATE OF U.P. AND ANOTHER on 11 May 2026

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JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 3948 of 2026 Court No. - 82 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्ना

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No.

Court No. - 82

HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.

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1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् अि्षम जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदकगण लखन, मलखान एवं करन की ओर से पिरवाद सं. 22/2024, अन्तगर्त धारा 323/ 504/ 506/ 392 भा०दं०िव०, थाना कैिलया, िजला जालौन में अि्षम जमानत की मॉग करते हुए इस ्ऺाथर्ना के साथ दायर िकया गया है िक िगरफ्तारी की िस्थित में आवेदक को जमानत पर िरहा िकया जा सके।

2. आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा, पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।

3. यह आवेदकगण का ि्षतीय अि्षम जमानत प्ऴ है ्ऺथम जमानत आवेदन प्ऴ है ्ऺथम जमानत आवेदन प्ऴ इस न्यायालय के अन्य न्यायपीठ ्षारा िदनांक 11.04.2025 को िनरस्त कर दी गयी थी।

4. आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदकगण िनदरॏष है, उसे उपरो्व धाराओं में ्षेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरो्व विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है जबिक उसके िवरू्ध कोई िव्षसनीय साष्य नहीं है। उनका यह भी कथन है िक आवेदकगण का कोई आपरािधक इितहास नहीं रहा है और आवेदकगण के िवरू्ध अभी तक कोई भी बाध्यकारी ्ऺि्वया नहीं अपनाई गयी है। आवेदक ्षारा िनयिमत रूप से न्यायालय की कायर्वाही में योगदान िदया जा रहा है। िजसकी पुि्ि न्यायालय ्षारा अवर न्यायालय के आदेश फलक के अवलोकन से की गयी। पुनः उनका कथन है िक आवेदकगण िवचारण और जॉच के दौरान सहयोग करने का वचन देता है िक वह जॉच एजेंसी या न्यायालय ्षारा अपेि्षत समय पर उपिस्थत रहेगा एवं आवेदकगण की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी।

5. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को आवेदकगण के उ्व कथन से कोई आपि्त नहीं है। Versus Counsel for Applicant(s) : Vijay Singh Rathore Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Lakhan And 2 Others .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)

6. यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा यह अवधािरत िकया गया है िक अि्षम जमानत यािचका पर न्याय-िनणर्यन करते समय न्यायालय को आरोपों की ्ऺकृित और गंभीरता, आरोपी की न्याियक ्ऺि्वया से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए और यह िक न्यायालय को आरोपी के िवरू्ध उपलब्ध सभी साम्षी का सावधानी से मूल्यांकन करना चािहए और आरोपी की वास्तिवक भूिमका पर भी िवचार करना चािहए।

7. उभय प्ष के तकॏल एवं वतर्मान मामले में अि्षम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए और प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृित, आवेदक की भूिमका और मामले के सभी तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए अि्षम जमानत की ्ऺाथर्ना स्वीकार िकए जाने योग्य है। तद्नुसार अि्षम जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकया जाता है।

8. उपरो्व मुकदमा अपराध संख्या में सिम्मिलत आवेदक की िगरफ्तारी की दशा में, उसे संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर रू० 50,000/- का ्ि ि्वगत बंध प्ऴ एवं उसी धनरािश के दो ्ऺ ितभू ्ऺस्तुत करने पर, स्ऴ परी्षण के िनस्तारण तक िनम्न शतरॏ के अधीन अि्षम जमानत पर िरहा िकया जाएगा :- 1- आवेदकगण, यिद आवश्यक होगा तो िवचारण न्यायालय के सम्ष अपेि्षत समय पर उपिस्थत रहेंगे। 2- आवेदकगण मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी ्ि ि्व या पुिलस अिधकािरयों को ्ऺत्य्ष या परो्ष रूप से कोई धमकी, वादा या ्ऺलोभन नहीं देंगे िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के सम्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के सम्ष ्ऺकट न करने पर मान जाए। 3- आवेदकगण िवचारण के दौरान सहयोग करेगा और जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नहीं करेंगे। उपरो्व शतरॏ के उल्लंघन की िस्थित में िववेचनािधकारी/अिभयोजन प्ष को, आवेदकगण को ्ऺ द्त अि्षम जमानत के िनरस्तीकरण हेतु उपयु्व आवेदन ्ऺस्तुत करने की स्वतं्ऴता होगा।

9. तद्नुसार यह अि्षम जमानत आवेदन प्ऴ उपरो्व िटप्पिणयों के साथ अंितम रूप से िनस्तािरत िकया जाता है। May 12, 2026 S.Mishra NABAIL No. 3948 of 2026

(Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad

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