Allahabad High Court

NA528/16481/2026 of SATYAPAL @ SANJAY Vs STATE OF U.P. AND 4 OTHERS on 5 May 2026

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JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 16481 of 2026 Court No. - 82 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक जीतेन्द्र रावत की ओर से धारा 528 भारतीय सुरक्षा संिहता के

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 16481 of 2026

Court No. - 82

HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.

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1. आवेदक जीतेन््श रावत की ओर से धारा 528 भारतीय सुर्षा संिहता के अंतगर्त यह आवेदन प्ऴ, वाद सं० 305/2024, अंतगर्त धारा 125(3) सी.आर.पी.सी, थाना कोतवाली हाथरस, िजला हाथरस में ्ऺधान न्यायाधीश (पिरवार न्यायालय) हाथरस ्षारा पािरत ्ऺश्नगत आदेश िद० 20.03.2025 को अपास्त करने के उ्देश्य से योिजत िकया गया है।

2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधकता को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।

3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा का कथन है िक अितिर्व ्ऺधान न्यायाधीश (पिरवार न्यायालय)- हाथरस िवप्षी सं० 02, 03, 04 एवं 05 का भरण-पोषण ्ऺाथर्ना प्ऴ स्वीकार करते हुए िवप्षी सं० िवप्षी सं० 02, 03, 04 एवं 05 को ्ऺाथर्ना प्ऴ ्ऺस्तुत करने की ितिथ िदनांक 07.10.2022 से वाद के िनस्तारण होने तक, बतौर अंतिरम भरण-पोषण धनरािश कुल अंकन 9,000/- ्ऺितमाह की दर से भुगतान करने का आदेश पािरत िकया गया है, जो न्यायोिचत नहीं है, क्योंिक उ्व आदेश पािरत करते समय आवेदक की आय व आय के ्शोत पर ध्यान नहीं िदया गया, िनगरानीकतार् की आय इतनी नहीं है िक वह भरण-पोषण की उ्व धनरािश िवप्षी सं० 02, 03, 04 एवं 05 को अदा कर सके।

4. इस मामले के तथ्यों एवं पिरिस्थितयों के दृि्िगत आवेदक को िनदरॏिशत िकया जाता है िक वह अब तक के संपूणर् बकाये धनरािश की िवप्षी सं० 02, 03, 04 एवं 05 को अदा करें।

5. आवेदक ्षारा अब तक के संपूणर् बकाये धनरािश का भुगतान एक-एक महीने के अंतराल में 3 बराबर िकश्तो में अदा िकया जाएगा तथा ्ऺश्नगत आदेश में िनयत की गयी धनरािश अंकन 9000/- रूपये ्ऺितमाह आवेदक ्षारा िवप्षी सं० 02, 03, 04 एवं 05 को भरण-पोषण Versus Counsel for Applicant(s) : Chandan Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Satyapal @ Sanjay .....Applicant(s) State Of U.P. And 4 Others .....Opposite Party(s)

भ्ते के रूप में दी जाने वाली धनरािश आगे ्ऺितमाह िनयिमत रूप से अदा की जाएगी।

6. यिद आवेदक ्षारा बकाये की उ्व धनरािश िवप्षी सं० 02, 03, 04 एवं 05 को कुल अंकन रु० 9000/-्ऺितमाह की िनयिमत अदायगी की जाती है तो ्ऺश्नगत आदेश के अनुपालन में वसूली की कायर्वाही स्थिगत रहेगी, िकन्तु यिद आवेदक ्षारा इस आदेश के अनुसार िनयत समयानुसार बकाया धनरािश की अदायगी नहीं की जाती है तथा ्ऺितमाह भरण- पोषण िदए जाने हेतु िनयत की गयी रु० 9000/- की धनरािश ्ऺितमाह अदा नहीं की जाती है, तो यह अंतिरम आदेश स्वतः िनष््ऺभावी समझा जाय।

7. संबंिधत िवचारण न्यायालय को िनदरॏिशत िकया जाता है िक उ्व वाद का अंितम रूप से िनस्तारण आज से 03 माह के अन्दर, उभय प्ष को सुनवाई का समुिचत अवसर ्ऺदान करते हुए Crl. Appeal No. 730 of 2020, arising out of SLP (Crl.) No. 9503 of 2018 (Rajnesh vs. Neha & Anr.) में माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा ्ऺितपािदत िविध-्ि वस्था के ्ऺकाश में, इस न्यायालय के इस आदेश के िकसी भी िटप्पणी से ्ऺभािवत हुए िबना, गुण-दोष के आधार पर कर िदया जाय।

8. यहाँ पर यह स्प्ि िकया जाता है िक इस न्यायालय के अन्तिरम आदेश के अनुपालन में िनगरानीकतार् ्षारा जो भी धनरािश 9000/- को अदा की जाती है, वह धनरािश संबंिधत िवचारण न्यायालय ्षारा पािरत अंितम आदेश के अनुसार िनयत की गयी भरण-पोषण भ्ते की धनरािश में समायोिजत की जाएगी।

9. तद्नुसार, यह आवेदन प्ऴ अिन्तम रूप से िनस्तािरत िकया जाता है।

10. रिजस््िार कम्पलायंस को िनदरॏश िदया जाता है िक इस आदेश की एक ्ऺितिलिप संबंिधत न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनि्ात िकया जाए। May 6, 2026 S.Mishra NA528 No. 16481 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad

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