Allahabad High Court
WRIC/11622/2025 of MAJIBURRAHMAN MANSURI Vs U.O.I. THRU. PRIN. SECY. HIGHER EDUCATION MINISTRY OF HIGHER EDUCATION NEW DELHI AND 2 OTHERS on 11 December 2025
JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW WRIT - C No. - 11622 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री पाल िसह यादव, कें द्र सरकार के
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
LUCKNOW
WRIT - C No. - 11622 of 2025
Court No. - 17
HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
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1. याचिकाकर्ता के विद्वाान अधिवक्ताा श्रीी पाल सिंह यादव, केंद्र सरकार के विद्वाान अधिवक्ताा श्रीी अमरीश राय, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के विद्वाान अधिवक्ताा श्रीी सूर्य मनी सिंह रायकवार की तरफ से उपस्थिति अधिवक्ताा श्रीी सुमित ताहिल रवानी एवं इंटीग्रल युनिवर्सिटी के विद्वाान अधिवक्ताा श्रीी सैयद्द आफताब अहमद को सुना तथा पत्राावली का अवलोकन किया।
2. इस रिट याचिका द्वाारा याचिकाकर्ता ने विपक्षीी संख्याया 3 इंटीग्रल यूनिवर्सिटी द्वाारा पारित आदेश दिनांक 11/11/2025 की वैधता को चुनौती दी है, जिसके द्वाारा याचिकाकर्ता का एम०फार्म० (फार्मेसी प्रैैक्टिस) में हुआ प्रवेश निरस्तत कर दिया। आलोच्यय आदेश में यह कहा गया है कि फार्मेसी काउंसिल में मात्र तीन सीटों पर प्रवेश हेतु अनुमोदन किया।
3. फार्मेसी काउंसिल के विद्वाान अधिवक्ताा ने बताया कि द़ मास्टटर ऑफ फार्मेसी (M.Pharm) कोर्स रेगुलेशन 2014 के विनियम 23 के अनुसार परा-स्नानातक शिक्षाा के लिए संस्थाथान में अध्यायापक छात्र का अनुपात 1/3 होना चाहिए, चूँकि इंटीग्रल विश्विद्याालय में एम०फार्म० (फार्मेसी प्रैैक्टिस) में मात्र एक शिक्षक उपलब्धध था, अतः तीन छात्रों के प्रवेश का ही अनुमोदन किया गया।
4. इंटीग्रल विश्वविद्याालय के विद्वाान अधिवक्ताा ने कहा कि चूँकि तीन छात्रों के प्रवेश का अनुमोदन विश्वविद्याालय से प्रााप्तत हुआ था तथा याचिकाकर्ता मेरिट के अनुसार प्रथम तीन छात्रों में नहीं आया, अतः उसका प्रवेश निरस्तत किया गया।
5. विपक्षीीगण के विद्वाान अधिवक्तााओं द्वाारा उक्त तर्क रखे जाने पर याचिकाकर्ता विद्वाान अधिवक्ताा ने कहा कि वह इस याचिका पर बल नहीं देना चाहते हैं तथा याचिकाकर्ता क्षतिपूर्ति Versus Counsel for Petitioner(s) : Pal Singh Yadav, Ashish Kumar Singh, Prathama Singh Counsel for Respondent(s) : A.S.G.I., Ambrish Rai, S M Singh Royekwar, Syed Aftab Ahmad Majiburrahman Mansuri .....Petitioner(s) U.O.I. Thru. Prin. Secy. Higher Education Ministry Of Higher Education New Delhi And 2 Others .....Respondent(s)
के लिए उचित कार्यवाही करेगा।
6. तदनुसार, याचिका बल ना दिए जाने के आधार पर निरस्तत की जाती है। December 11, 2025 Himanshu WRIC No. 11622 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench