Allahabad High Court
A227/6735/2025 of RAKSHRAM TIWARI AND ANOTHER Vs SATISH CHANDRA TIWARI AND 5 OTHERS on 11 December 2025
JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6735 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतार्गण के िवद्वान अिधवक्ता श्री िवजय शंकर पांडेय को सुना
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
LUCKNOW
MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6735 of 2025
Court No. - 17
HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
Citations and Judicial Treatment
Cited by
0
Decisions in the index citing it
Cites
0
Decisions referred to
In this index
0
Of the decisions it cites
Overruled / Questioned
0
No negative treatment found
Loading the citing and cited decisions…
This judgment in the centre: on the left the decisions it cites, on the right the decisions citing it. Colour is the treatment; choose a decision to open it.
1. याचिकाकर्तागण के विद्वाान अधिवक्ताा श्रीी विजय शंकर पांडेय को सुना तथा पत्राावली का अवलोकन किया।
2. भारतीय संविधान के अनुच्छेछेद 227 के अन्ततर्गत प्रस्तुतुत इस याचिका द्वाारा याचिकाकर्तागण ने विद्वाान तृतीय अपर सिविल न्यायायाधीश (अवर खंड) गोंडा को मूल वाद संख्याया 409 सन् 2022 के शीघ्र निस्तातारण का निर्देश देने का अनुरोध किया है।
3. उपरोक्त वाद याचिकाकर्तागण ने घोषणा एवं स्थाथाई निषेधाज्ञाा हेतु वर्ष 2022 में प्रस्तुतुत की। याचिका के साथ विचारण न्यायायालय द्वाारा मात्र दिनांक 08.10.2025 को पारित एक आदेश की प्रति संलग्नन की गई है, जिसमें अंकित है कि "पत्राावली वास्तेते साक्ष्यय/अग्रिम आदेश दिनांक 18.11.2025 को पेश हो" याचिका में यह कथन नहीं है कि दिनांक 18.11.2025 को याचिकाकर्तागण ने साक्ष्यय प्रस्तुतुत किया या नहीं।
4. यह तथ्यय सर्विदित कि सभी न्यायायालय वादों की अधिकता से जूझ रहे हैं तथा ऐसी परिस्थिति में जब कि वाद वर्ष 2022 में प्रस्तुतुत किया, यह साक्ष्यय के स्ततर पर पहुँँच चुका है तथा याचिका में यह कथन नहीं है कि दिनांक 08.10.2025 से अब-तक याचिकाकर्तागण ने स्ववयं ही साक्ष्यय प्रस्तुतुत किया या नहीं, इस स्ततर पर वाद के शीघ्र निस्तातारण का निर्देश देने का कोई औचित्यय नहीं है। Versus Counsel for Petitioner(s) : Vijay Shankar Padey, Sudhakar Shukla Counsel for Respondent(s) :
Rakshram Tiwari And Another .....Petitioner(s) Satish Chandra Tiwari And 5 Others .....Respondent(s)
5. तदनुसार याचिका निरस्तत की जाती है।
6. याचिकाकर्तागण उचित स्ततर पर शीघ्र सुनवाई के लिए विचारण न्यायायालय के समक्ष प्राार्रथना पत्र देने के लिए स्ववतंत्र होंगे।
December 11, 2025 Himanshu A227 No. 6735 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench