Allahabad High Court
CRLA/3709/2025 of RASHMI Vs STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. DEPTT. OF HOME LKO AND 2 OTHERS on 18 November 2025
JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL APPEAL No. - 3709 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SAURABH LAVANIA, J. 1. Heard Sri Satyendra Kumar Tiwari alongwith Sri Akhilesh Singh Chauhan, learned Counsel for the appellant, Sri S.P.Tiwari, learned AGA appearing for the State and perused the records.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
LUCKNOW
CRIMINAL APPEAL No. - 3709 of 2025
Court No. - 13
HON'BLE SAURABH LAVANIA, J.
1. Heard Sri Satyendra Kumar Tiwari alongwith Sri Akhilesh Singh Chauhan, learned Counsel for the appellant, Sri S.P.Tiwari, learned AGA
appearing for the State and perused the records.
2. The present appeal has been filed under Section 14-A (1) of Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocoties) Act, 1989 (in short 'Act of 1989') against the impugned order dated 14.10.2025 passed by Special Judge, SC/ST Act, District- Lakhimpur Kheri (in short 'trial court').
3. By the order under challenge dated 14.10.2025 the trial court rejected the protest petition preferred by the appellant and accepted the final report submitted by the Investigating Officer (in short 'I.O.').
4. The brief facts of the case are as under:-
(i)
Based
upon
the
written
report
given
by
the
appellant/complainant an FIR dated 14.07.2022, Case Crime No. 334/2022, under Section 504/506/509 IPC and 3(1)da, 3(1)dha SC/ST Act of 1989 was lodged at Police Station-Kheri, District-Lakhimpur Kheri.
(ii) In the FIR aforesaid, allegations were levelled against one Santosh Verma, In-Charge Prathmik Vidhalaya, Uchchtar Prathamik Vidhalaya Amritapur and Hridaya Narayan/father- in-law of Village Pradhan of Village-Amritapur namely Labi Singh.
(iii) According to the FIR the informant was discharging her duties at relevant point of time in the Prathamik Vidhalaya, Amritapur. It further indicates that casteist remarks were made against appellant/informant by Hridaya Narayan in connection with the food preparation in the school.
(iv) It would be apt to indicate that casteist utterances have not been indicated in the FIR.
Versus
Counsel for Appellant(s)
:
Satyendra Kumar Tiwari, Akhilesh Singh Chauhan Counsel for Respondent(s)
:
G.A.
Rashmi
.....Appellant(s)
State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Deptt. Of Home Lko And 2 Others
.....Respondent(s)
(v) One of the allegation is also to the effect that appellant/complainant was compelled to do earthwork, which was not her duty as her duty was to teach students in the school.
(vi) In the statement recorded under Section 161 Cr.P.C. and the statement recorded under Section 164 Cr.P.C. the appellant/informant improved the story of prosecution by making casteist related utterances.
(vii) The I.O. investigated the matter and after completion of investigation, submitted the final report dated 14.09.2022. The relevant portion of the same reads as under:- "महोदय उपरोक्त वादिनी श्रीीमती रश्मि ई०प्र०अ० प्रााथमिक विद्याालय अमृतापुर द्वाारा विकास खण्डड नकहा खीरी द्वाारा दी गयी तहरीरी सूचना के आधार पर दिनांक 14/07/2022 को थाना खीरी जपनद खीरी में विरूद्ध अभियुक्त संतोष वर्मा ई०प्राा०अ० उ०मा०वि० अमृतागंज 2. हृदय नरायण पंजीकृत किया गया, जिसकी विवेचना मुझ क्षेेत्रााधिकारी द्वाारा सम्पापादित की गयी। अब तक की तमामी विवेचना, बयान वादिनी, गवाहान, निरीक्षण घटना स्थथल व अन्यय संकलित साक्ष्यय के आधार पर नामित आरोपीगण 1. संतोष वर्मा पुत्र रामनरेश वर्मा निवासी ग्रााम पस्सेसेहरा ओयल थाना खीरी जनपद खीरी (कार्यवाहक प्रधानाध्यायापक उच्चच प्रााथमिक विद्याालय अमृतागंज खीरी, विकास खण्डड नकहा जनपद खीरी) 2. हृदयनरायण सिंह पुत्र रामबक्शश सिंह निवासी ग्रााम अमृतापुर थाना खीरी जनपद खीरी द्वाारा श्रीीमती रश्मि को अकारण तंग व परेशान किया जाना एवं मोबाइल ट्रेेस किया जाना व विद्याालय में शासन द्वाारा 25000/रूपये कम्पोपोजिट ग्रााण्टट में से विद्याालय में मिट्टीी डलवाने हेतु दबाव दिया जाना एवं दिनांक 20/06/2022 को विद्याालय की रसोई में घुसकर खराब खाना बनाने के आरोप लगाते हुए भगौना फेंकना तथा श्रीीमती रश्मि को जाति सूचक गालियाँ एवं जान से मारने की धमकी दिया जाना नहीं पाया गया। परिणाम स्ववरूप जुर्म खारिज कर अभियोग की विवेचना जरिये अन्तिम रिपोर्ट संख्याया 77/2022 दिनांक 14/09/2022 समाप्तत की गयी। अतः अनुरोध है कि जुर्म खारिजा रिपोर्ट स्वीवीकृत करने की कृपा की जाये।"
(viii) Thereafter the appellant/complainant thereafter preferred a protest petition dated 06.03.2024. The trial court considered the contents of protest petition and final report and passed the order dated 21.08.2024. The relevant portion of order dated 21.08.2024
"केस डायरी के अवलोकन से वादिनी मुकदमा / पीड़िता द्वाारा अपने बयान अं०धारा-164 दं०प्र०सं० कथन किया कि उसे आये दिन सीनियर अध्यायापक संतोष वर्मा फोन करके परेशान करते हैं तथा व्यक्तिगत रूप से उसे अपनी स्कूकूटी से चलने को कहते हैं और उसे मानसिक प्रताड़ित करते हैं, मना किया तो षडयंत्र करके उसे हेड मास्टटर का चार्ज दिलवाया गया। दिनांक 20 जून 22 को उसके समक्ष आकर मिट्टीी डालने के लिए उप पर दबाव डाला गया, मना किया तो उसे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और वहां पर रखा एम०डी०एम० का खाना उठाकर जमीन पर फेंक दिया। उक्त प्रधान के ससुर हृदय नरायण द्वाारा ही प्रधानी का कार्य किया जाता है, जो गलत है तथा संतोष वर्मा के साथ मिली भगत करते विद्याालय मे आने वाली कम्पोपोजिट ग्रांांट के पैसे का दुर्पयोग करने का उस पर दबाव डाला जा रहा है। दिनांक 11.08.22 को जब वह अपनी बहन माधुरी के साथ राखी खरीदने जा रही थी, तब संतोष वर्मा ने उसे देखकर बोला वह देखो साली रश्मि जा रही है। इसी प्रकार का बयान वादिनी मुकदमा/पीड़िता ने अपने बयान अं० धारा-161 दं०प्र०सं० में भी दिया है। विवेचक द्वाारा वादिनी मुकदमा / पीड़िता के बयान अं० धारा-161 दं०प्र०सं० व 164 दं०प्र०सं० के होते हुए भी प्रस्तुतुत मामले में अन्तिम रिपोर्ट न्यायायालय में प्रेेषित की गयी है। विवेचक द्वाारा इस तथ्यय को स्पपष्ट नहीं किया गया कि वादिनी मुकदमा/पीड़िता के बयान अं० धारा-161 दं०प्र०सं० व 164 दं०प्र०सं० के होते हुए भी किन परिस्थितियों में अन्तिम रिपोर्ट प्रेेषित की गयी है। विवेचक' द्वाारा सरसरी तौर पर इस आधार पर अन्तिम रिपोर्ट प्रेेषित की गयी है कि पूछतांछ व उपलब्धध कराये गये साक्ष्यों से उपरोक्त के विरूद्ध झूठा अभियोग पंजीकृत कराया जाना पाया गया, उचित प्रतीत नही होता है।
वादिनी मुकदमा /पीड़िता द्वाारा प्रेेषित प्रोोटेस्टट याचिका में लिये गये आधार, वादिनी मुकदमा / पीड़िता के बयान अं० धारा-161 दं०प्र०स० व 164 दं०प्र०सं० एवं माननीय न्यायायालय द्वाारा प्रतिपादित विधि व्यवस्थाथा के प्रकाश में अग्रेेतर विवेचना कराये जाने का पर्याप्तत आधार उत्पपन्नन होता है। विवेचक द्वाारा प्रस्तुतुत अंतिम रिपोर्ट उपरोक्त तथ्यय एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए निरस्तत किए जाने योग्यय है।
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आदेश
वादिनी मुकदमा / पीड़िता द्वाारा प्रस्तुतुत प्रोोटेस्टट याचिका स्वीवीकार की जाती है। विवेचक द्वाारा प्रस्तुतुत अंतिम रिपोर्ट सं0-77/2022 दिनांकित 14-09-2022 निरस्तत की जाती है। विवेचक को आदेशित किया जाता है कि उपरोक्त वर्णित निष्ककर्षों के प्रकाश में मामले में अग्रिम विवेचना करना सुनिश्चित करें।"
(ix) The I.O. in compliance of order dated 21.08.2024 proceeded in the matter and thereafter submitted the final report dated 25.11.2024. The relevant portion of the same
"महोदय उपरोक्त अभियोग वादिनी श्रीीमती रश्मि ई० प्राा० अ० प्रााथमिक विद्याालय अमृतापुर द्वाारा विकास खण्डड नकहा खीरी द्वाारा दी गयी तहरीरी सूचना के आधार पर दिनांक 14/07/2022 को थाना खीरी जपनद खीरी में विरुद्ध अभियुक्त संतोष वर्मा ई० प्राा०अ० उ०मा०वि० अमृतागंज व प्रधान ससुर हृदयनरायण पंजीकृत किया गया, अभियोग की विवेचना तत्काकालीन क्षेेत्रााधिकारी सदर श्रीी संदीप सिंह द्वाारा ग्रहण कर संपादित की गयी जिनके द्वाारा अभियोग में की गयी विवेचनात्ममक संबंधी कार्यवाही पर्चा 01 से पर्चा 15 तक मय अन्तिम रिपोर्ट संख्याया 77/2022 दिनांक 14.9.2022 को किता कर अभियोग की विवेचना समाप्तत की गयी । अभियोग से संबंधित किता अभियोग दैनिकी मय संलग्ननक मय अन्तिम रिपोर्ट मा० न्यायायालय दाखिल करायी गयी। जिसके संबंध में वादिनी मुकदमा/पीड़िता द्वाारा मा० न्यायायालय विशेष न्यायायाधीश एससी/एसटी/ अपर सत्र न्यायायाधीश लखीमपुर खीरी के न्यायायालय में प्रोोटेस्टट याचिका सं० एफ०आर० सं० 45/2023, सी0एन0 आर० यू०पी० एल०पी० 01006463 श्रीीमती रश्मिीी ई० प्राा०आ० बनाम संतोष वर्मा ई० प्राा०आ० आदि योजित की गयी। वादिनी मुकदमा द्वाारा प्रस्तुतुत प्रोोटेस्टट याचिका मा० न्यायायालय द्वाारा स्वीवीकार कर विवेचक द्वाारा अभियोग में प्रेेषित अन्तिम रिपोर्ट संख्याया 77/2022 दिनांकित 14.09.2022 अस्वीवीकार कर अभियोग में अग्रिम विवेचना किये जाने के सम्बबन्धध में मां० न्यायायालय विशेष न्यायायाधीश एससी/एसटी एक्टट/अपर सत्र न्यायायाधीश लखीमपुर खीरी के आदेश दिनांक 21.8.2024 के अनुपालन में अभियोग की विवेचना मुझ क्षेेत्रााधिकारी द्वाारा ग्रहण कर संपादित की गयी। अभियोग उपरोक्त में अब तक की गयी तमामी विवेचना बयान वादिनी, बयान गवाहान, निरीक्षण घटनास्थथल, आदि से संकलित किये गये सुसंगत साक्ष्यों के आधार पर अभियोग के नामित आरोपीगण 1. संतोष वर्मा पुत्र रामनरेश वर्मा निवासी ग्रााम परसेहरा ओयल थाना व जिला खीरी, प्रधानाध्यायापक उ०प्राा०वि० अमृतागंज ब्लालाक नकहा खीरी 2. हृदयनरायण सिंह पुत्र रामबक्शश सिंह निवासी ग्रााम अमृतापुर थाना व जिला खीरी के विरुद्ध जुर्म धारा 504/506/509 भादवि व 3 (1) द, 3 (1)ध एससी/एसटी एक्टट का अपराध कारित किये जाने के साक्ष्यय नहीं पाये जा रहे हैं। अतः पूर्व प्रेेषित अन्तिम रिपोर्ट सं0 77/2022 का समर्थन करते हुए अभियोग की विवेचना समाप्तत की जाती है। मा० न्यायायालय से अनुरोध है कि अन्तिम रिपोर्ट स्वीवीकार करने की कृपा करें। विवेचना समाप्तत ।"
(x) Against the final report dated 25.11.2024 the appellant/complainant again preferred the protest petition. The trial court thereafter passed the order in issue dated 14.10.2025. The relevant portion of order dated 14.10.2025
"4- मेरे द्वाारा पत्राावली का अवलोकन किया गया और पाया गया कि वादिनी मुकदमा द्वाारा तहरीर में सहायक अध्यायापक संतोष वर्मा एवं तत्काकालीन ग्रााम प्रधान के ससुर विरूद्ध तहरीर थाने पर देकर मुकदमा पंजीकृत कराया गया। वादिनी मुकदमा का कथन था कि संतोष वर्मा आये दिन उसे फोन पर परेशान करते हैं, उसकी लोकेशन ट्रेेश करते हैं, जिसकी सूचना उसने दिनांक 21.05.2022 को बेसिक शिक्षाा अधिकारी, खीरी को दी थी। यह भी कथन किया है कि विद्याालय में शासन द्वाारा 25,000 हजार रु० कम्पोपोजिट ग्रााट आने पर प्रधान के ससुर द्वाारा वादिनी से विद्याालय में मिट्टीी डलवाने के लिये दबाव बना रहे हैं। जबकि वादिनी ने कहा उक्त ग्राान्टट से मिट्टीी का कार्य नहीं कराया जा सकता है। यह कहने पर प्रधान ससुर ने धमकी दी, अगर मिट्टीी नहीं डलवाओगी , तो विद्याालय में कार्य नहीं कर पाओगी। दिनांक 20.06.2022 समय करीब 10:00 बजे स्कूकूल के बच्चेचे M.D.M. खा रहे थे। इसी दौरान उक्त प्रधान ससुर विद्याालय में आ गये और रसोई में घुस गये तथा वादिनी पर विना वजह खाना खराब बनाने का आरोप लगाते हुये खाने से भरा भगौना बाहर फेंक दिया तथा वादिनी को जाति सूचक गालिया व अपशब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया। 5-मामले की प्रथम सूचना दर्ज होने के पश्चाात विवेचक द्वाारा विवेचना आरम्भभ की गयी। दौरान विवेचना विवेचक द्वाारा आडियो केस डायरी के साथ संलग्र की गयी। विवेचक ने प्रथम पुलिस रिपोर्ट में अभिमत दिया है कि संतोष वर्मा को खण्डड शिक्षाा अधिकारी विकास खण्डड नकहा द्वाारा विद्याालयों की विभागीय सूचना के आदान- प्रदान के लिये नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। वादिनी ने अपने बयान धारा-161 वं०प्र०सं० व धारा
दं०प्र०सं० में घटना का समर्थन किया है। घटना विद्याालय की बतायी गयी है। दिनांक 20.06.2022 की घटना विद्याालय प्रांांगण की बतायी गयी है। विद्याालय प्रांांगण में अन्यय चक्षुुदर्शी ने इस प्रकार की घटना से इन्काकार किया है, अन्यय उपस्थित साक्षीीगण वादिनी के पक्ष में क्यों बयान नहीं दे रहे हैं, इसका कोई स्पपष्टीीकरण नहीं दिया गया है। 6- न्यायायालय द्वाारा विवेचक को पुनः विवेचना के लिये आदेश प्रााप्तत होने पर पूरक केस डायरी के पर्चे किता किये गये एवं पुनः अभिमत दिया गया कि सभी उपस्थित साक्षीीगण ने घटना होने से इन्काकार किया है। अब मात्र प्रश्नन यह शेष है कि क्याया संतोष वर्मा को वादिनी मुकदमा को फोन करने का कोई अधिकार प्रााप्तत था अथवा नहीं? 7- ग्रााम प्रधान श्रीीमती लबी सिंह का बयान अंकित है, जिन्होंने अपने बयान में कथन किया है कि विद्याालय कम्पोपोजिट ग्रााण्टट 25000/-रू० प्रााप्तत हुआ था, जिसके संबंध में मैंने विद्याालय के रंगाई पुताई हेतु श्रीीमती रश्मि से कहा किन्तुतु श्रीीमती रश्नि ने कोई रूचि नहीं दिखायी और आगे इस साक्षीी ने यह भी कथन किया है कि वह विद्याालय देर से आती हैं, उनके द्वाारा रंगाई पुताई नहीं करायी गयी। सहायक अध्यायापक वीरेन्द्र सिंह का बयान दौरान विवेचना संकलित किया गया है। संतोष वर्मा ने अपने बयान में यह बताया है कि मुझे खण्डड शिक्षाा अधिकारी विकास खण्डड नकहा द्वाारा साभी विद्याालयों की विभागीय सूचना आदान-प्रदान हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिसके क्रम में मैं सभी विद्याालयों के अध्यायापकों से जरिये मोबाइल सूचना संकलित करके उच्चच अधिकारियों को प्रेेषित करता हूंं। विधानसभा चुनाव 2022 में अध्यायापकों के प्रशिक्षण हेतु मुझे मास्टटर ट्रेेनर वनाया गया था, श्रीीमती रश्मि की चुनाव में ड्यूूटी लगायी थी, वह चुनाव ड्यूूटी में नहीं आयी। मैंने मोबाइल पर श्रीीमती रश्मि से चुनाव ड्यूूटी में आने के लिये कहा था, आने के लिये मना करने पर उनका द्वाारा एक दिन का वेतन रोक दिया गया था। जिस कारण से मुझसे नाराज रहने लगी। 8- विवेचक द्वाारा दौरान विवेचना दौरान विवेचना प्रभारी अधिकारी प्रशिक्षण विधानसभा निर्वाचन 2022 श्रीी के०के० पाण्डेडेय द्वाारा जारी आदेश दिनांकित 08.02.2022 की प्रति भी संलग की गयी है, जिसमें संतोष वर्मा एवं संदीप को मास्टटर ट्रेेनर के रूप में नामित किया गया। संतोष वर्मा उच्चचतर प्रााथमिक विद्याालय अमृतागंज विकास खण्डड नकहा, जिला-लखीमपुर खीरी में नियुक्त था, ऐसी दशा में विवेचक द्वाारा अभिमत दिया जाना कि संतोष वर्मा द्वाारा मास्टटर ट्रेेनर के रूप में नियुक्त के कारण वादिनी मुकदमा से वार्ता की थी, यह दौरान विवेचना संकलित साक्ष्यय से समर्थित है। दौरान विवेचना वादिनी के द्वाारा मोबाइल पर आये हुये मैसेज की प्रति भी विवेचक ने संकलित की है, जिसका मेरे द्वाारा अवलोकन किया गया। संकलित दस्तातावेज में कोई भी, सूचना ऐसी नहीं है जो कि श्रीीमती रश्मि के कार्य से इतर भेजी गयी हो। श्रीीमती रश्मि द्वाारा उसके अलावा कोई अन्यय मोबाइल का उल्लेलेख अपने बयान 161 दं०प्र०सं० व 164 दं०प्र०सं० में नहीं किया गया है। ऐसी दशा में, विवेचक के पास इस तथ्यय पर पर्याप्तत साक्ष्यय था कि संतोष वर्मा विभाग द्वाारा अपने ऊपर अधिरोपित दायित्वों के निर्वहन में वादिनी मुकदमा से बात कर रहे थे, न कि वादिनी से कोई व्यक्तिगत वार्ता कर रहे थे। 9- अतः प्रस्तुतुत प्रकरण में विवेचक द्वाारा सम्ययक रूप से की गयी। विवेचना में कोई त्रुुटि नहीं है। अतः मामले के तथ्यों एवं परिस्थथतियों के दृष्टिगत अंतिम आख्याया हाजा स्वीवीकार किये जाने योग्यय है तथा वादिनी मुकदमा द्वाारा प्रस्तुतुत प्रोोटेस्टट पिटिशन निरस्तत किये जाने योग्यय हैं।
आदेश
विवेचक द्वाारा प्रस्तुतुत अंतिम रिपोर्ट स्वीवीकार की जाती है एवं वादिनी मुकदमा द्वाारा प्रस्तुतुत प्रोोटेस्टट पिटिशन निरस्तत किया जाता है। तदनुसार प्रकीर्ण फौजदारी वाद निस्तातारित किया जाता है। पत्राावली नियमानुसार दाखिल दफ्ततर हो।"
5. In the aforesaid background of the case, the present appeal has been filed impeaching the order dated 14.10.2025. Learned Counsel for the appellant says that trial court has failed to consider the evidence on record including the statement of the appellant/complainant recorded by the I.O. in terms of Section(s) 161 and 164 Cr.P.C. as also the messages received by the appellant on phone. As such, the indulgence of this Court is required in the matter.
6. Sri S.P. Tiwari, learned A.G.A. submitted that order passed by the trial court is reasoned and speaking order. He further submitted that a perusal of order shows that trial court considered all the material available on record including the messages received by the appellant on her phone according to which the messages to the appellant were given in connection of her duties.
7. He also stated that the based upon the said messages/evidence finding of trial court has not been impeached by placing the messages on record by the appellant.
8. He further submitted that the statement of other witnesses recorded by the I.O. during investigation, has not been placed on record in the present appeal based upon which the trial court has observed to the effect that the opposite party was appointed as Master Trainer and therefore, the opposite party made conversations with the appellant.
9. He further submitted that with oblique motive the appellant lodged the FIR, as the appellant was annoyed in relation to election duties, which she did not perform and therefore one day salary of the appellant was deducted from her salary and it could be one of the reason to implicate the accused. Prayer is to dismiss the present appeal.
10. Upon due consideration of the facts including the order of trial court dated 21.08.2024 and 14.10.2025, contents of final report and also submissions advanced by learned Counsel for the parties, this Court finds that no interference is required in the matter.
11. Accordingly, the present appeal is dismissed. Costs made easy. November 18, 2025/Jyoti/- (Saurabh Lavania,J.)
Digitally signed by :- JYOTI RAJWANI High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench